Fleming Left Hand Rule in Hindi | Right Hand Rule in Hindi

Fleming Left Hand Rule in Hindi | Right Hand Rule in Hindi

Fleming Left Hand Rule in Hindi | Right Hand Rule in Hindi:-अगर आप Fleming Left Hand Rule Explain in Hindi या Fleming Right Hand Rule in Hindi या फ्लेमिंग के अंगूठे के नियम के बारे मे सीखना चाहते है तो बने रहें। 

Fleming Left Hand Rule in Hindi (फ्लेमिंग का बायें हाथ का नियम क्या है?)

फ्लेमिंग वामहस्त नियम या फ्लेमिंग के बायें हाथ का नियम (Fleming’s left hand rule (for motors)) एक याद करने के लिए  विधि है जो चुम्बकीय क्षेत्र में स्थित किसी धारावाही चालक पर लगने वाले चुम्बकीय बल की दिशा ज्ञात करने  के लिये प्रयोग किया जाता है।

यदि बायें हाथ की प्रथम तीन अंगुलियाँ एक-दूसरे के लम्बवत फैलायी जाँय और तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में हो एवं मध्यमा चालक में बहने वाली धारा की दिशा में हो तो उस चालक पर लगने वाला चुम्बकीय बल या बल अंगुठे की दिशा में होगा।

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Fleming Left Hand Rule in Hindi | Right Hand Rule in Hindi

चित्र में दिखाया गया है कि यदि बायें हाथ की प्रथम तीन अंगुलियाँ एक-दूसरे के लम्बवत फैलायी जाँय और तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में हो एवं मध्यमा चालक में बहने वाली धारा की दिशा में हो तो उस चालक पर लगने वाला चुम्बकीय बल या बल अंगुठे की दिशा में होगा।

इस नियम को हम FBI के नाम से भी याद कर सकते है जैसे:-

F:-Force (बल)

B:-Megnetic Field (चुंबकीय क्षेत्र)

I:-Current (विद्धुत धारा)

1. बाएं हाथ का अंगूठा बल की दिशा 

2. अंगूठे के बाद (तर्जनी उंगली) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा 

3. बीच की उंगली (मिडल फिंगर) विद्धुत धारा की दिशा 

(Application of Fleming’s Left Hand Rule) फ्लेमिंग के बाएं हाथ के नियम के उपयोग क्या है?

फलेमिग के बाएं हाथ के नियम को मुख्यतः बल की दिशा ज्ञात करने के लिए प्रयोग किया जाता है। 

Fleming’s Right Hand Rule in Hindi (फ्लेमिंग का दायें  हाथ का नियम क्या होता है?)

इस नियम के अनुसार अगर हम अपने दाहिने हाथ की तीन अंगुलियों को (अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा) को इस तरह से फैलाते हैं कि ये तीनों उंगलियां एक-दूसरे के लंबवत अलग हो (90 अंश का कोण)। तब यदि  अंगूठा को चालक की गति की दिशा तथा तर्जनी (fore Finger) चुम्बकीये क्षेत्र की दिशा  की ओर इशारा करते हैं तब मध्य उंगली (Middle Finger) धातु में प्रवाहीत विधुत धारा की दिशा को बताता है। इस नियम का मदद से विधुत जनरेटर में बहने वाली विधुत धारा की दिशा ज्ञात की जाती है। 

Fleming Left Hand Rule in Hindi | Right Hand Rule in Hindi
Fleming Left Hand Rule in Hindi | Right Hand Rule in Hindi

इस नियम को हम MBI के नाम से भी याद कर सकते है जैसे:-

M:-Motion (गति की दिशा)

B:-Megnetic Field (चुंबकीय क्षेत्र)

I:-Current (विद्धुत धारा)

1. बाएं हाथ का अंगूठा गति  की दिशा 

2. अंगूठे के बाद (तर्जनी उंगली) चुंबकीय क्षेत्र की दिशा 

3. बीच की उंगली (मिडल फिंगर) विद्धुत धारा की दिशा 

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FAQ

फ्लेमिंग के बाएं हाथ का नियम क्या होता है?

यदि बायें हाथ की प्रथम तीन अंगुलियाँ एक-दूसरे के लम्बवत फैलायी जाँय और तर्जनी चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा में हो एवं मध्यमा चालक में बहने वाली धारा की दिशा में हो तो उस चालक पर लगने वाला चुम्बकीय बल या बल अंगुठे की दिशा में होगा।

फ्लेमिंग के दायें हाथ का नियम क्या होता है?

इस नियम के अनुसार अगर हम अपने दाहिने हाथ की तीन अंगुलियों को (अंगूठे, तर्जनी और मध्यमा) को इस तरह से फैलाते हैं कि ये तीनों उंगलियां एक-दूसरे के लंबवत अलग हो (90 अंश का कोण)। तब यदि  अंगूठा को चालक की गति की दिशा तथा तर्जनी (fore Finger) चुम्बकीये क्षेत्र की दिशा  की ओर इशारा करते हैं तब मध्य उंगली (Middle Finger) धातु में प्रवाहीत विधुत धारा की दिशा को बताता है। इस नियम का मदद से विधुत जनरेटर में बहने वाली विधुत धारा की दिशा ज्ञात की जाती है। 

बाएं हाथ की हथेली का नियम क्या है?

फ्लेमिंग के बाएं हाथ का नियम (Fleming’s left hand rule) के अनुसार, बाएं हाथ के अंगूठे व पास वाली दो अंगुलियों को इस प्रकार फैलाए कि वे परस्पर लंबवत रहे, तब यदि अंगूठे के पास वाली उंगली चुंबकीय क्षेत्र (B) की दिशा को तथा बीच वाली उंगली धारा (I) की दिशा को प्रदर्शित करें तो अंगूठा चालक पर लगने वाले बल की दिशा को 

मैक्सवेल के काग पेंच का नियम क्या है?

 इस नियमानुसार अगर किसी दक्षिणावर्त कॉर्क पेच को इस प्रकार घुमाया जाए की इसकी नोक चालक में बहने वाला धारा की दिशा में आगे बढ़े तो जिस दिशा में पेच को घुमाने के लिए अंगूठे को घुमाना पड़ता है वह चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को व्यक्त करता है।

मैक्सवेल का नियम क्या है?

इस नियमानुसार अगर किसी दक्षिणावर्त कॉर्क पेच को इस प्रकार घुमाया जाए की इसकी नोक चालक में बहने वाला धारा की दिशा में आगे बढ़े तो जिस दिशा में पेच को घुमाने के लिए अंगूठे को घुमाना पड़ता है वह चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को व्यक्त करता है।

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